गुरुग्राम में कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी

सीनियर इंजीनियरों की टीम से कस्टम सॉफ्टवेयर, आपकी टीम के साथ मिलकर।

हम गुरुग्राम के कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपर्स हैं और स्टार्टअप, बढ़ती कंपनियों और एंटरप्राइज के लिए वेब ऐप, मोबाइल ऐप, इंटरनल टूल और SaaS प्रोडक्ट बनाते हैं। एक छोटी पेड डिस्कवरी के बाद आपको लिखित प्लान और फिक्स्ड एस्टिमेट मिलता है; फिर हर दो हफ्ते में चलता हुआ सॉफ्टवेयर। कोड पहले दिन से आपका।

एक नजर में

डिस्कवरी
1–2 हफ्ते, लिखित प्लान के साथ
डेमो
हर दो हफ्ते के स्प्रिंट के अंत में
कोड
पहले दिन से आपकी रिपॉजिटरी में

किसके लिए, और क्या उम्मीद करें

हम पहला प्रोडक्ट लॉन्च करने वाले स्टार्टअप, स्प्रेडशीट और पुराने सिस्टम बदल रही बढ़ती कंपनियों, और ज्यादा सीनियर इंजीनियर चाहने वाली एंटरप्राइज व सरकारी क्षेत्र की टीमों के लिए सॉफ्टवेयर बनाते हैं। गुरुग्राम की कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी के तौर पर हम दिल्ली NCR, बाकी भारत, खाड़ी देशों, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के क्लाइंट्स के साथ काम करते हैं।

हर प्रोजेक्ट एक से दो हफ्ते की छोटी पेड डिस्कवरी से शुरू होता है, जिसके अंत में लिखित प्लान और पहली रिलीज का फिक्स्ड एस्टिमेट मिलता है। फिर सीनियर इंजीनियरों की टीम — जरूरत हो तो डिजाइनर और प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ — दो-दो हफ्ते के स्प्रिंट में काम करती है और हर स्प्रिंट के अंत में चलता हुआ सॉफ्टवेयर दिखाती है। आप पूरी तरह ऑनलाइन काम कर सकते हैं या गुरुग्राम ऑफिस आकर मिल सकते हैं — कोड, डिजाइन और डॉक्यूमेंटेशन हर हाल में पहले दिन से आपके हैं।

हम क्या बनाते हैं

  • डिस्कवरी और डिजाइन: दो हफ्ते के डिजाइन स्प्रिंट, और कोड लिखने से पहले ऐसा प्रोटोटाइप जिसे आप क्लिक करके देख सकें।
  • वेब एप्लिकेशन: React, Next.js और TypeScript में, CI में लागू परफॉर्मेंस बजट के साथ। देखें वेब डेवलपमेंट।
  • मोबाइल ऐप: Swift, Kotlin, React Native और Flutter में, App Store और Google Play पर पब्लिश। देखें मोबाइल ऐप डेवलपमेंट।
  • बैकएंड और API: Node (NestJS), Go, Python और Rust; GraphQL, gRPC और REST।
  • AI इंजीनियरिंग: LLM ऐप, RAG पाइपलाइन, फाइन-ट्यूनिंग और evals — डेमो के लिए नहीं, प्रोडक्शन के लिए। देखें AI डेवलपमेंट।
  • एम्बेडेड और IoT: एज डिवाइस, गेटवे और फर्मवेयर।
  • CRM: आपके बेचने के तरीके के हिसाब से कस्टम CRM, या Zoho CRM, Salesforce और HubSpot जैसे CRM का सही सेटअप। देखें CRM।

काम कैसे होता है

  1. डिस्कवरी (हफ्ता 1–2)एक छोटी पेड डिस्कवरी: लक्ष्य, सीमाएं, लिखित प्लान और एस्टिमेट।
  2. डिजाइन (हफ्ता 2–4)आर्किटेक्चर, UX और क्लिक करने लायक प्रोटोटाइप, जिस पर आप अपनी राय दे सकें।
  3. डेवलपमेंट (स्प्रिंट)दो-दो हफ्ते के स्प्रिंट, और हर स्प्रिंट के अंत में डेमो।
  4. लॉन्च और उसके बादलॉन्च, मॉनिटरिंग और हैंडओवर — या हम इसे आपके लिए 24×7 चलाते रहें।

ज्यादातर प्रोजेक्ट मिली-जुली टीमों में चलते हैं: हम आपके टूल्स और काम करने के तरीके अपनाते हैं, और अगर आपके पास कोई तय प्रोसेस नहीं है तो अपना लाते हैं।

कीमत कैसे तय होती है

कस्टम सॉफ्टवेयर की कीमत स्कोप पर निर्भर करती है: कितनी स्क्रीन और फीचर, कितने सिस्टम से जुड़ना है, और पहली रिलीज में क्या-क्या चाहिए। इसलिए हम एक कॉल के बाद पक्की कीमत नहीं बताते। डिस्कवरी के अंत में पहली रिलीज का फिक्स्ड एस्टिमेट मिलता है, ताकि काम शुरू होने से पहले खर्च पता हो।

तरीकाकब सही रहता है
फिक्स्ड एस्टिमेट वाला प्रोजेक्टजब पहली रिलीज का स्कोप साफ लिखा जा सके और नतीजे को टेस्ट किया जा सके।
आपकी टीम में डेवलपर्स (स्टाफ ऑगमेंटेशन)जब आपके पास टेक लीड है और बस और लोगों की जरूरत है — हर व्यक्ति का तय मासिक रेट। देखें डेवलपर्स हायर करें।
डेडिकेटेड टीमनए प्रोडक्ट और लंबे रोडमैप के लिए, जब यूजर्स से सीखते हुए स्कोप बदलता रहेगा।

एक कॉल के बाद ही किसी बड़े प्रोडक्ट की पक्की कीमत बताने वाली कंपनी या तो कीमत बढ़ाकर बता रही है, या उसने काम पूरा समझा नहीं है।

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी चुनने से पहले ये सवाल पूछें

  • असल में कौन लोग काम करेंगे, उनका अनुभव क्या है, और क्या साइन करने से पहले टेक लीड से बात हो सकती है?
  • कोड, डिजाइन और डॉक्यूमेंटेशन किसकी रिपॉजिटरी में रहेंगे?
  • टेस्टिंग कैसे होगी, और लॉन्च के बाद मिले बग कौन ठीक करेगा?
  • क्या कोई काम फ्रीलांसर या किसी दूसरी कंपनी को दिया जाएगा?
  • लॉन्च के बाद सपोर्ट और बदलाव किन शर्तों पर होंगे?

एक छोटी पेड डिस्कवरी किसी भी कंपनी को परखने का सबसे सस्ता तरीका है: आप देख लेते हैं कि वे सवाल कैसे पूछते हैं, कितना साफ लिखते हैं और महंगे आइडिया पर टोकते हैं या नहीं। पूरी चेकलिस्ट हमारी अंग्रेजी गाइड में है: भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी कैसे चुनें।

उपयोगी गाइड (अंग्रेजी में)

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कस्टम सॉफ्टवेयर बनवाने में कितना खर्च आता है?

यह स्कोप पर निर्भर करता है। हम एक छोटी पेड डिस्कवरी से शुरू करते हैं, जिसके अंत में लिखित प्लान और पहली रिलीज का फिक्स्ड एस्टिमेट मिलता है — यानी काम शुरू होने से पहले ही आपको खर्च पता होता है।

सॉफ्टवेयर बनने में कितना समय लगता है?

डिस्कवरी में एक से दो हफ्ते लगते हैं। उसके बाद हर दो हफ्ते के स्प्रिंट के अंत में आप चलता हुआ सॉफ्टवेयर देखते हैं, और पहली रिलीज की तारीख लिखित प्लान में होती है।

क्या सॉफ्टवेयर का कोड हमारा होगा?

हां। कोड, डिजाइन और डॉक्यूमेंटेशन पहले दिन से आपके हैं और आपकी रिपॉजिटरी में रहते हैं।

आप किनके लिए सॉफ्टवेयर बनाते हैं?

पहला प्रोडक्ट बना रहे स्टार्टअप, स्प्रेडशीट और पुराने सिस्टम बदल रही बढ़ती कंपनियां, और ज्यादा सीनियर इंजीनियर चाहने वाली एंटरप्राइज व सरकारी क्षेत्र की टीमें — भारत, खाड़ी देशों, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में।

क्या आप हमारी इन-हाउस टीम के साथ काम कर सकते हैं?

हां — ज्यादातर प्रोजेक्ट मिली-जुली टीमों में ही चलते हैं। हम आपके टूल्स और काम करने के तरीके अपनाते हैं, या आपके पास न हों तो अपने लाते हैं। अगर पूरा प्रोजेक्ट सौंपने के बजाय अपनी टीम में डेवलपर्स चाहिए, तो वे स्टाफ ऑगमेंटेशन पर मिलते हैं।

गुरुग्राम में भरोसेमंद सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे चुनें?

कीमत से पहले यह देखें कि वे लिखित स्कोप और एस्टिमेट देते हैं या नहीं, असल में कौन लोग काम करेंगे, कोड किसके पास रहेगा और लॉन्च के बाद सपोर्ट कैसा होगा। किसी मौजूदा क्लाइंट से बात करवाने को कहें। एक छोटी पेड डिस्कवरी किसी भी कंपनी को परखने का सबसे सस्ता तरीका है।

अपडेट:

बताइए, आपको क्या चाहिए।

सॉफ्टवेयर, टीम या ग्रोथ — एक वर्किंग डे के अंदर हमारी टीम का कोई सदस्य आपको जवाब देगा।